PM Awas Yojana ‘Scam’: The Dream of a House Turned into a Nightmare
PM Awas Yojana ‘Scam’: The Dream of a House Turned into a Nightmare
"हमारा ही धागा लेकर, उन्होंने अपना स्वेटर बुन लिया; सोने का सपना दिखाकर, हमसे पीतल भी छीन लिया।"
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) एक ऐसी योजना है, जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा गरीबों और बेघरों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम की शुरुआत वास्तव में 1985 में हुई थी और शुरुआत में इसका नाम 'इंदिरा आवास योजना' था। वर्ष 2015 में इसका नाम बदलकर 'प्रधानमंत्री आवास योजना' कर दिया गया।
इस योजना के नियम के अनुसार, सहायता राशि लाभार्थी को अलग-अलग किस्तों में प्राप्त होती है। पिछले वर्ष, अप्रैल-मई 2025 में जिन लाभार्थियों के नाम इस सूची में शामिल थे, उन्हें पहली किस्त जारी कर दी गई थी।
पहली किस्त मिलते ही, इस उम्मीद में कि जल्द ही पूरा मकान बन जाएगा, लोगों ने अपने पुराने कच्चे मकानों को तोड़ दिया और नया पक्का मकान बनाने का काम शुरू कर दिया। लेकिन मुश्किल तब खड़ी हुई जब वे लोग, जिनके पास रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं थे या जो अत्यधिक गरीबी में जी रहे थे, वे उस पहली किस्त से केवल मकान की दीवारें ही खड़ी कर पाए।
अब पूरा एक वर्ष होने को आया है। दूसरी किस्त न मिलने के कारण मकान का काम अधर में लटका है। पहले इन लाभार्थियों ने तपती धूप का सामना किया और अब ये कड़कड़ाती ठंड का सामना कर रहे हैं। विडंबना यह है कि जिनके सिर पर कल तक कम से कम एक कच्ची छत तो थी, आज वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
अगर किसी को इस विलंब (देरी) का वास्तविक कारण पता हो, तो वह इसे साझा कर सकता है।

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